पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के
 "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंससे प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिकाके वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार सुनिता कुमारी प्रसाद की एक कविता  जिसका शीर्षक है “जिंदगी”: 

जिंदगी का पता नहीं,
आज है कल नहीं
क्षण भर में हो सकता है
कुछ भी, करो वही,
जिसकी इच्छा है मन में
व्यर्थ  करो न समय
हर समय से सीख लो,
जीवन के हर मोड़ पर,
पीछे नहीं आगे बढ़ो,
जीवन के सफल मोड़ पर,
असफलता से मिली शिक्षा,
साथ में लिए चलो,
हे मानव  रीत है जीवन का
गिरकर उठना,
हार कर जीतना,
जो जान जाए,
वही खड़ा होता
अपने दम पर है,
जिंदगी के हर मोड़ पर
हिम्मत के साथ,
कदम से कदम मिलाए
खड़ा है जो मानव,
है बना संसार के लिए ।।