पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार नीलू गुप्ता की एक कविता जिसका शीर्षक है "आजादी चाहिए":
आजादी चाहिए मुझे अपने और पराए के भेद से
आजादी चाहिए मुझे छोटे - बड़े के घेरे से
आजादी चाहिए मुझे नफरत के इस संसार से
आजादी चाहिए मुझे स्वार्थ के इस भरे बाजार से
आजादी चाहिए मुझे कलुषित विचारों से
आजादी चाहिए मुझे गिरी, नीच मानसिकता से
आजादी चाहिए मुझे गंदे भ्रष्टाचार से
आजादी चाहिए मुझे अब आतंकवाद से
आजादी चाहिए मुझे मुंह बाएं महंगाई से
आजादी चाहिए मुझे फैली अशिक्षा से
आजादी चाहिए मुझे गरीबी की इस मार से
आजादी चाहिए मुझे बेरोजगारी के इस दर्द से
आजादी चाहिए मुझे पेट की इस भूख से
आजादी चाहिए मुझे छली - कपटी इंसान से
आजादी चाहिए मुझे विचारों की अभिव्यक्ति की
आजादी चाहिए मुझे अपने अनुसार जी सकने की
आजादी चाहिए मुझे सुकून की सांस लेने की
आजादी चाहिए मुझे स्वतंत्र भारत में पहचान बनाने की।


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