पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार नीलू गुप्ता की एक कविता जिसका शीर्षक है “कुछ तो उद्देश्य बना लो":
अगर जिंदगी कभी
उद्देश्यहीन लगने लगे
तो तुरंत संभलो
खुद को टटोलो
कमी क्या आखिर
दूर करो उसको
जिंदगी का कुछ तो
उद्देश्य बना लो।
दिमाग खाली होगा
तो शैतान वास करेगा
कर्म कुछ करते रहो
तो हाथों में भगवान वास
करेगा
बेकार, व्यर्थ न समझो
जीवन को अपने कभी
ईश्वर ने तुमको भेजा तो
ध्येय उसका जरूर होगा
उद्देश्य बना लो अपना कुछ
लक्ष्य की ओर बढ़ते जाओ
यही जिंदगी खुशहाल लगेगी
गमों की हर शाम ढलेगी।


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