पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार रविकान्त सनाढ्य की एक लघुकथा जिसका शीर्षक है “उजाले !":
चुनाव नज़दीक थे । नेताजी एक झोंपड़पट्टी में चुनावसभा में गए । बहुत आत्मीयता से उन्होंने पिछड़े लोगों से कहा, "आप मुझे जिताइए । मैं आपके बच्चों को जीवन के उजाले दूँगा ।" झोंपड़पट्टी के सभी लोग नेताजी को जिताने के लिए जी-जान से जुट गए । उनकी मेहनत रंग लाई । नेताजी जीत गए । बड़ी शान के साथ नेता जी का विजय- जुलूस निकला । मज़दूरों के बच्चे उस जुलूस में अपने सिर पर ट्यूब-लाइटों के झाड़ फ़ानूस उठाए चल रहे थे !


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