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कविता: पंद्रह अगस्त (पिंकी गुप्ता, उदलाबारी, पश्चिम बंगाल)

 

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंससे प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिकाके वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार पिंकी गुप्ता की एक कविता  जिसका शीर्षक है पंद्रह अगस्त":

पंद्रह अगस्त हमारे देश की शान है ,

यही हमारा अभिमान है।

हमेशा ऊंचा रखेंगे,

अपने देश का तिरंगा

जब तक हम में जान है

क्योंकि यही हमारी शान है।

गर्व होता है

मुझे पंद्रह अगस्त के लहराते तिरंगे को देख ,

और वीरों को याद करते हुए

यही हमारी शान है।

देश की आजादी के लिए, कई शहीदों ने प्राण गवाएं ।

ना भूलना कभी उन शहीदों को,

और ना भूलना कभी पंद्रह अगस्त के दिन को क्योंकि यही हमारी देश की पहचान है।

पंद्रह अगस्त सन  सैंतालीस को हमारा देश स्वतंत्र हुआ।

उन वीरों को करते हैं नमन, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह ना कर भारत को नई पहचान दी

जय हिंद हमारे वीरों को।

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