पश्चिम
बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से
प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद
हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके
सामने प्रस्तुत है रचनाकार शंभू राय की एक कविता जिसका
शीर्षक है “जीवन की क्या है परिभाषा ?”:
हम सब के साथ चलती है
दो जिंदगी ,
और
दूसरी,
ईच्छा , पीडा़-मनोव्यथा साथ लिए
हमारे साथ चलती है।
बस इसी आशा में
कि
दूसरी जिंदगी को
बदल सकेंगे एक दिन हम पहली में।
अपनी जिंदगी से दूर कर सकेंगे
और
एक दिन आएगा ऐसा
जब सारा जहां हमें
एक उपवन की तरह
आनंद देने वाला प्रतीत होगा
और
अनुभव कर सकेंगे हम
जीवन के वास्तविक आजादी का ।
परिभाषाएं हैं इसकी अनेक.....!


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