पश्चिम बंगाल
के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से
प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद
हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके
सामने प्रस्तुत है रचनाकार प्रहलाद मंडल का एक गीत जिसका
शीर्षक है “आओ दीप जलाएं”:
बनना है सबको समंदर ,
आओ दीप जलाएं।
कुछ कमी है मुझमें ,
हाथ से हाथ बटाएं,
दिखा के रोशनी उनको,
आओ दीप जलाएं।
तो उनका ईटा बन जाएं।
अकेला कोई सफल नहीं हुआ है यहां।
उनके सफलता की सीढ़ी बन जाएं।
आओ दीप जलाएं।
आओ दीप जलाएं।


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