पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के
 "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंससे प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिकाके वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार “माधुरी मिश्रा की एक कविता  जिसका शीर्षक है “... अहिल्या ने सजा पाई”:

 
पहले छेड़छाड़!
फिर बलात्कार!
उस पर भी नारी का दोष!
और दिखता है , ड्रेस कोड!
 
क्यों दिखता नहीं इनको!
अपनी नजरों का दोष!
और अपनी सोच का खोट !
 
सिर्फ सड़क पर ही लूटी हो,
ऐसी भी कोई बात नहीं है !
ये दरिंदे तो , मिल जाते हैं,
घर में भी !
 
अजनबी ने ही लूटा हो,
ऐसी भी कोई बात नहीं है!
ये भेड़िए तो मिल जाते हैं!
भाई ,बाप, पति के रुप में भी!
 
बड़ी लंबी कहानी है!
सदियों ने सुनाई है,
इंद्र और गौतम ने बनाई है!
अहिल्या ने सजा पाई है !
 
जाने कब होगा !
इसका अंत, अनंत!
 
नारी खुद तुझको उठना होगा,
लेना होगा दुर्गा चंडी अवतार ।