पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार वंदन झा की एक कविता जिसका शीर्षक है "हिंदुस्तान पर लिखूं":
सिर पर लिखूं या
इस ज़मीं की देह पर लिखूं
कश्मीर पर लिखूं
या मैं लेह पर लिखूं
दुश्मन को जो
बताये हैं उस निशान पर लिखूं
अच्छा ये रहेगा
कि हिंदुस्तान पर लिखूं
लिख दूँ मैं
हिमाचल पर या पंजाब पर लिखूं
उत्तरांचल के
बर्फीले शबाब पर लिखूं
हरयाणा या दिल्ली
की शान पर लिखूं
अच्छा ये रहेगा
कि हिंदुस्तान पर लिखूं
राजस्थान की
मिट्टी विशेष पर लिखूं
मीठे से मैं
उत्तर प्रदेश पर लिखूं
बिहार झारखंड की
मैं खान पर लिखूं
अच्छा ये रहेगा
कि हिंदुस्तान पर लिखूं
बंगाल पर लिखूं
मैं या आसाम पर लिखूं
अरुणांचल या
नागालैंड की शाम पर लिखूं 😁😁
मणिपुर मिज़ोरम की
दास्तान पर लिखूं
अच्छा ये रहेगा
कि हिंदुस्तान पर लिखूं
महात्मा गांधी के
अहिंसा वाले देश पर लिखूं
गुजरात पर लिखूं
या मध्य प्रदेश पर लिखूं
छत्तीसगढ़ ओडिशा
की आन पर लिखूं
अच्छा ये रहेगा
कि हिंदुस्तान पर लिखूं
जोश में उफनते
हुए एक राष्ट्र पर लिखूं
गोआ पर लिखूं या up महाराष्ट्र पर लिखूं
कर्नाटक और केरल
के सम्मान पर लिखूं
अच्छा ये रहेगा
कि हिंदुस्तान पर लिखूं
तेलंगाना पे
लिखूं या मैं आंध्र पर लिखूं
मैं पुडुचेरी या
लक्षदीप के प्रांत पर लिखूं
तमिलनाडु पर
लिखूं या अंडमान पर लिखूं
अच्छा ये रहेगा
कि हिंदुस्तान पर लिखूं
स्वर्ण मंदिर पर
लिखूं या सैन्ट मेरी पर लिखूं
हजरत बल पर लिखूं
या बांके विहारी पर लिखूं
मैं राम पर लिखूं
या रहमान पर लिखूं
अच्छा ये रहेगा
कि हिंदुस्तान पर लिखूं
जय हिन्द जय भारत


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