पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार संगीता सूर्यप्रकाश मुरसेनिया की एक कविता जिसका शीर्षक है “तिरंगे का मान":
तिरंगे का मान रखना है ।
आया-आया स्वतंत्रता दिवस का ।
त्योहार आया आओ-आओ हम सब ।
मिलकर झूमे,नाचे,गाए ।
स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाए ।1।
कदम कदम बढ़ाए जाओ ।
स्वतंत्रता दिवस की खुशी के ।
गीत गाए जाओ।
स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा ।
तीन रंगों का फहराना है ।
हमारा तिरंगा हमारी शान है ।2।
हमारा तिरंगा संपूर्ण विश्व में ।
हमारा मान है ।
तिरंगे के मान और शान में ।
कभी कमी ना होने देंगे ।
चाहे हमें मान'शान बचाने में ।
प्राण ही क्यों ना देने पड़े ।3।
आया-आया स्वतंत्रता दिवस आया ।
आओ-आओ हम सब मिलकर ।
झूमे,नाचे,गाए स्वतंत्रता दिवस ।
धूमधाम से मनाए।
तिरंगे का मान रखना हैं ।4।


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