Welcome to the Official Web Portal of Lakshyavedh Group of Firms

कविता: मेरा वतन हिन्दुस्तान (मईनुदीन कोहरी "नाचीज", बीकानेर, राजस्थान)

 

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार मईनुदीन कोहरी "नाचीज" की एक कविता  जिसका शीर्षक है मेरा वतन हिन्दुस्तान":

मेरा वतन - मेरा वतन प्यारा  है हिन्दुस्तान

सबसे प्यारा मेरा प्यारा वतन है हिन्दुस्तान

 

गगन को छूले ऊँचा शिखर जहाँ हिमालय

जहाँ से निकले नदियाँ  वो मेरा  हिन्दुस्तान

 

उतर का बड़ा मैदान नदियों से है खुशहाल

खाद्यान जहाँ निपजे वो वतन है हिन्दुस्तान

 

विभिन्नता मेंभीएकता जहाँ नजर आती हो

विभिन्न जाति धर्मो का प्यारा है हिन्दुस्तान

 

काशमीर से केरल तक एकता का संचार

पूर्व से पश्चिम एक सूत्र में बंधा हिन्दुस्तान

 

एक संविधान की छत्रछाया में सवा अरब

एक भाषा से जुड़ा मेरा प्यारा हिन्दुस्तान

 

हिन्दु मुस्लिम सिक्ख ईसाई वतन के लाल

इनकी ताकत से फले-फूले मेरा हिन्दुस्तान

 

मेरे वतन की महक से महके दुनियाँ सारी

'नाचीज' तकदीर से तू जन्मा वो हिन्दुस्तान

Post a Comment

0 Comments