पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार अनामिका सिंह "करम" की एक कविता जिसका शीर्षक है "एक सलाम वीर जवानों के नाम":
उठो जागो हे भारतवासी
आज ये सुनहरा दिन आया है।
एक सलाम वीर जवानों
के नाम,करने का दिन ये आया है।
सरहद पर खड़े रहकर
करते है ये अपने देश की सीमा-सुरक्षा।
हर आने-जाने वालो पर
ये रखते है अपनी पैनी नज़र का पहरा।
हर मौसम की मार ये झेलते है
सर्दी हो या गर्मी हर हालात से ये लड़ते है।
अपना सीना चौड़ा किए,ये
हर आवाज़ पर अपने कान खड़ा किए रहते है।
अपना घर-परिवार पीछे छोड़ ये
देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते है।
खुद की फिक्र किए बगैर ये हमारे
लिए हर लम्हा अपना जीवन दांव पर लगाए रहते है।
तो.....
आज ये स्वर्णिम अवसर आया है
एक सलाम हमारी ओर से उन्हें मिले,ऐसा क्षण आया है।
नमन है ऐ देश के वीर जवानो
तुम्हारे जज़्बे और तुम्हारी हिम्मत को शत्-शत् नमन है।
जब-जब इतिहास ख़ुद को दोहराएगा
तुम्हारा नाम स्वर्णिम अक्षरों में अंकित नज़र आएगा।


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