पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार मधु प्रसाद की एक कविता जिसका शीर्षक है “तिरंगा प्यारा":
देखो आया
स्वतंत्रता दिवस,
आवो मिलकर लहराए
तिरंगा,
गली - मुहॉले , देश के हर कोने- कोने में
अपने प्यारा तिरंगा
को लहराएंगे ।
नमन और स्मरण
करें
देश के शहीदों को,
प्राप्त हुई है
हमें स्वतंत्रता
शहीदों के
संघर्षों से
आओ मिलकर उनका सम्मान करे
तीन रंगों
से है बना तिरंगा हमारा
साहस,बलिदान का प्रतीक है, केसरिया रंग
सच्चाई, शांति,और पवित्रता का प्रतीक है, सफेद रंग
हरियाली, समृद्धि का प्रतीक है, हरा रंग
अशोक चक्र समय की
गति दर्शाता
इन प्रतीकों से
बना है,
अपना प्यार
राष्ट्र ध्वज ।
जब- जब आएगी
मुसीबत तिरंगे पर ,
तब - तब ढाल बनकर
करेंगे ,
इस तिरंगे की
रक्षा।
हमारा राष्ट्र
ध्वज ना कभी झुका है,
ना कभी झुकेगा, ना कभी झुकने देंगे।


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