पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार वंदना तिवारी की एक देशभक्ति कविता जिसका शीर्षक है "देश के प्रति":
चलो देश में देश
प्रेम की
शिखा अखंड जलाए
निज से निकलें
बाहर
सबकी पीडा़ को
अपनाए।
मुरझाए क्यों
प्राण ?
शिथिल क्यों पडी़
_
आज जीवन धारा ?
क्यो प्रभात का
सूर्य आज
निकला है इतना
अलसाया ?
चलो सभी के अंतस
में
हम नया सूर्य
निमा॔ण करें
कण- कण प्रकाश से_
हो उज्ज्वल
स्वणि॔म आभा
विस्तार करें ।
आज रहे न कहीं
उदासी
कहीं हताशा न
उपजे
प्रेम-एकता के
परिभाषा की
सार्थकता न टूटे
।
कर्म हमारा साध्य
बने
आकाश की दूरी कम
कर दें
गौरवमय जीवन जीने
की
कला सभी को सिखलाए।


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