Welcome to the Official Web Portal of Lakshyavedh Group of Firms

कविता: स्त्री (कमला सिंह 'महिमा', खोरीबाड़ी, दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के
 "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंससे प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिकाके वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार कमला सिंह 'महिमा'  की एक कविता  जिसका शीर्षक है “स्त्री”:

एक स्त्री
चाहे जिस रंग की हो
जिस रूप में हो
जिस उम्र की हो
जिस ढंग में हो
यह पुरूषवादी समाज
बस उसे उपभोग की हीं
वस्तु समझता है |
अपनी सारी संस्कारों को
ताक पर रखकर
उस अधेड़ उम्र की महिला
या उस छोटी सी बालिका के साथ
बलात्कार जैसी
जघन्य अपराध कर जाता है |
मानवता को
शर्मसार कर जाता है |
नहीं लिहाज करता
वह उम्र का
रिश्तों का
धर्म का 
न्याय का |
लाख पहरों में रहे
लाख बंदिशों में रहे
सिर से पैर ढकी हुई हीं क्यों ना हो
उस स्त्री के साथ
छेड़छाड़ जैसी घटना हो हीं जाती है
पर पुरूषवादी समाज
इसके उपरांत भी अपनी
झूठी अहं का
त्याग नहीं करता
सारी गलतियों का दोष
स्त्री जाति पर मढ़ देता है |

Post a Comment

0 Comments