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कविता: प्रेम की अनुभूति (मंगला श्रीवास्तव, इंदौर, मध्य प्रदेश)

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के
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कैसे कह दूं कि आज भी
वही प्रेम बाकी है कही मुझमें और तुम में ।
अब भी उस प्रेम का कोई अहसास बाकी है कही और मुझमें और तुम में ।
 
वक्त के गुजरतें गुजरतें हम
कितने बदल गये है कही
कैसे कह दूं कि वही बात कही बाकीहै मुझमें और तुम में।
 
उम्र के इस पड़ाव पर आकर
कुछ तुम भूले कुछ हम भी भूल
गये सबकुछ  कैसे कह दूं कि वही जज़्बात बाकी है मुझमें और तुम में।
 
कैसे कह दूं कि वही प्रेम बाकी है कही मुझमें और तुम में।।

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