पश्चिम
बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से
प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद
हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके
सामने प्रस्तुत है रचनाकार मंगला श्रीवास्तव की एक कविता जिसका
शीर्षक है “प्रेम की अनुभूति”:
कैसे कह दूं कि आज भी
वही प्रेम बाकी है कही मुझमें और तुम में ।
अब भी उस प्रेम का कोई अहसास बाकी है कही और मुझमें और तुम में ।
कितने बदल गये है कही
कैसे कह दूं कि वही बात कही बाकीहै मुझमें और तुम में।
कुछ तुम भूले कुछ हम भी भूल
गये सबकुछ कैसे कह दूं कि वही जज़्बात बाकी है मुझमें और तुम में।


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