पश्चिम
बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से
प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद
हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके
सामने प्रस्तुत है रचनाकार ऋचा प्रकाश की एक कविता जिसका
शीर्षक है “नारी सशक्तिकरण”:
नारी तू महान है,
हर क्षेत्र में
तेरी महानता व्याप्त है,
फिर चाहे वो
परिवार संभालना,
देश के लिए लड़ना,
या फिर समाज से
प्रताड़ित होना,
हर कुछ में तेरी
महानता झलकती है ||
नारी तू
सर्वश्रेठ है,
इस पुरुष प्रधान
देश में तू सर्वश्रेठ है,
तुझे वह अधिकार
नहीं मिलता
जिसकी तू हक़दार
है,
फिर चुप चाप रह
कर,
अपने कर्त्तव्य
का पालन करना,
यही तेरे
श्रेष्ठता का प्रमाण है,
खुद को अबला मत
समझना,
नारी होने का
अभिमान करना ||
नारी तू जगत जननी
है,
तुझ में ही माँ, बेटी, बहन, हर रूप है,
परिवार के हर
फैसले लेने के अधिकार है तुझे,
परिवार पर जब भी
कोई आँच आये
ढाल बन कर खड़ी
रहती तू,
अपना हर फर्ज़
बखूबी निभाती तू,
तुझसे ही ये जहाँ
है,
तेरे बिना ये
बेजान है ||
नारी तू शक्ति है,
आपार सहनशक्ति है
तुझमें,
अनेक कष्टों, दुःखों, परेशानियों,
को सहकर उफ तक
नहीं करती,
मानव जगत की
वास्तविक
पहचान है तुझसे,
तुझसे ही जीवन का
अस्तित्व है ||
नारी तू महान है,


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