पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद
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है। आज
आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार डॉ● शरद नारायण खरे की एक कविता जिसका
शीर्षक है “सैनिक, फौज़ी, जवान”:
ऐे सैनिक, फौज़ी, जवान, है तेरा नितअभिनंदन।
अमन - चैन का तू पैगम्बर, तेरा है अभिवंदन।।
अपनी माटी की रक्षा को, तेरी अमर जवानी
तेरी देशभक्ति लखकर के, माथे तेरे चंदन।
अमन - चैन का तू पैगम्बर, तेरा है अभिवंदन।।
रिपु तो तुझको देख सिहरता, घुसपैठी थर्राते
सीमाओं के प्रहरी तू तो, वीर शिवा का नंदन।
अमन - चैन का तू पैगम्बर, तेरा है अभिवंदन।।
तू जगता, मौसम से लड़ता, हम नींदों में जाते
तेरे कारण खुशहाली है, किंचित भी ना क्रंदन ।
अमन - चैन का तू पैगम्बर, तेरा है अभिवंदन।।
तू पति है,तो पुत्र भी चोखा, तुझको सभी सुहाते
पर अपने इस मुल्क़ की ख़ातिर, छोड़े तू सब बंधन।
अमन - चैन का तू पैगम्बर, तेरा है अभिवंदन।।
केवल इस माटी के नामे, तूने की ज़िंदगानी
बोले नित जयहिंद का नारा, तेरा पावन तन - मन।
अमन-चैन का तू पैगम्बर, तेरा है अभिवंदन।।
लिये समर्पण, त्याग औ' निष्ठा, तू गंगा की कल - कल
परमवीर तू, महाबली भी, गाता है जन – गण - मन ।
अमन - चैन का तू पैगम्बर, तेरा है अभिवंदन।।


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