पश्चिम
बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से
प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद
हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके
सामने प्रस्तुत है रचनाकार बिक्रम साव की एक कविता जिसका
शीर्षक है “आदिवासी अदावत”:
जो बरसों से सींचा हमने धरती और पहाड़ों को,
पेड़ लगाए हमने, सिखाया पेड़ की तरह प्रेम करना,
आए दिन हिडमा मरती, मंगरा कोसती, सोमरा चिल्लाता,
पुलिस जंगल की भाषा नहीं समझती,
बादल, बारिश, तूफान, भूकम्प को भांप लेने वाले लोग,
यह अदावत, यह आग कभी बुझेगी नहीं,
अब समाप्त होंगे जरूर,


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