पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद
पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल
फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद
हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत
है। आज
आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार शिवचरण चौहान की एक कविता जिसका शीर्षक है “राजा जी मुस्काए थे”:
कल सपने में आए
थे।
राजाजी मुस्काए
थे।।
कहते थे तू सोता
है
हम अच्छे दिन लाए
थे।।
चिड़िया एक डरी
सहमी
बाज नोचने आए
थे।।
कंक्रीट के जंगल
में
शांति खोजने आए
थे।।
जंगल जंगल आग लगी
सब के सब घबराए
थे।।


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