पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के "लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस" से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका "लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका" के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार बिना जे सचदेव की एक कविता जिसका शीर्षक है “वो लम्हे”:
थोडी सी मस्ती, प्यार भरा पैंगाम,
निकल चले दिल के
साथ,
वो मस्ती भरे
लम्हे, प्यारा सा साथ,
बन बेठी में
तितली,
ऊड चली गगन की और
गुन बैठी सपनो के
संग,
खुल गये नैन,
प्यार भरा वो चेन,
ऊड चली तितली
और,
फिर से वही
गुनगुन ....
मिल जाये वही कही,
वो मेरा गुलशन
......
हर एक लफ्ज,
मेरी लहु तले
साही बनके
कलम से टपके;
मेरी रुहको चेन
सा लगे,
जिगर में एक
सुकून सा लगे


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