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कविता: दाद खुजली का महिमा (श्याम गुप्ता, वाशाबाड़ी बाजार लाइन, बागराकोट, जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के
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जय को दाद देवता
जय हो  इष्ट देवता तुम हो
खजुवट के भयंकर स्वामी
तुम्हारी महिमा कोई ना जाने
दिन भर पल पल  खजुवाते
फिर भी कबहूँ ना जाते
डॉक्टर हो या हकीम सब पर
रहत तुम्हारी कृपा दृष्टि
सौ दौसो में तुम आ जाते
लगावत लगावत हम थक जाते
जिस घर में हो तुम्हारी कृपा
उस घर में हो खजुवट खजुवट
गोल गोल लाल लाल हो तो
अदृश्य होकर फिर आ जाते
हे परम विनाशकारी देवता
कैंसर भी तुम्हारे आगे झुक जाता
शुगर थायरॉयड तुम्हारा गुन गाता
कोर्स कोर्स करत व्यापारी डॉक्टर
दोनों पैस पर पैसा  खूब कमावत
खजूवा खजूवा कर नाना नानी
दोनों खूब याद आ जावत
कहत नर नारी जो कोई
तुम्हारी शरण में आ जाये
हमेशा जिंदगी भर साथ रहते
खजूवा खजूवा मन भर देते हो
हे दाद हे खुजली भगवन
तुम्हारी सदा ही जय हो
ॐ अथ श्री दाद देवता नमः

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